Garmiyon mein din bade kyon hote hain. गर्मियों में दिन बड़े क्यों होते हैं।
साल में यूं तो दिन 365 होते हैं पर कुछ महिनों जैसे सर्दियों के दिन छोटे और गर्मियों के दिन बड़े होते हैं ।एक समान नहीं होते हैं अगर हम बात करें तो दिन जब बड़ा होता है तो एक समय ऐसा भी आता है जब आपकी परछाई भी आपको दिखाई नहीं देती है वो भी आपका साथ छोड़ जाती है। ये तब ही होता है जब सूरज पूरी तरह से कर्क रेखा के उपर होता है ।
अब ये कर्क रेखा क्या होती है। इसके बारे में हम आगे जानेगें।ये सबाल भारत में रहने वाले लगभग सभी देशवासियों के मन में आता जरूर होगा कि आखिर क्यूं होते हैं सर्दियों में छोटे दिन और बड़े दिन ग्रर्मियों में ।मैं अगर बात करू गांव में रहने वाले लागों की। तो गांव वाले आपको बड़ी ही सरलता से बता तो देंगे की सर्दियोें में दिन बहुत छोटा या यू कहूँ की जल्दी सूरज छिप जाता है ।
जबकि ऐसा गर्मियों में नहीं होता बल्कि गर्मियों में दिन लंबे हो जाते हैं या यू कहूं की देर से सूरज छिपता है। वे ये बातें जानते तो हैं परंतु इसके पीछे का कारण वे नहीं जानते हैं ।आज हम उस हि कारण को जानेगें। और इस रहस्य के उपर से पर्दा हटाएँगें। कि आखिर क्यू ऐसा होता हैं। ़
दोस्तों ये सवाल या ऐसे जितने भी सवाल आपके मन में उठते हैं
आप उन्हें जवाब देने के कोशिश जरूर किया करें। इससे आपका ज्ञान बढ़ता है और ये आपको दूसरों से अलग करता है। और जब हम जानते हैं तो सिखने का प्रोसेस बहुत ही तेज हो जाता है।पर इस सबाल का जबाव की सर्दियों में दिन छोटे और गर्मियों में बड़े क्यों होते हैं छुपा है हमारी पृथ्वी मैं।
जैसा कि हम जानते हैं कि पृथ्वी सौरमंडल का एक गृह है। जो सू्रज का चक्कर लगाती है। और इस चक्कर को लगाने में 365 दिन लगते हैं।जिसे हम एक साल या वर्ष भी कहते हैं। पृथ्वी को सूर्य का चक्कर 1 दिन में पूरे 24 घंटे में लगा देती है।
जिसके कारण दिन और रात पृथ्वी पर होते हैं। पृथ्वी पर अगर हम ये सोचें की एक समान ही रोशनी पड़ती है। जब सूर्य उदय होता है तो ये कहना सही नहीं होगा बल्की सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के 23.5 अक्ष पर झुके होने के हिसाब से अलग अलग जगहों पर अलग अलग जाता है।
हमें पृथ्वी के पास होने वाली रेखाऔं के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए क्योंकि ये हमें इस रहस्य को जानने में मदद करेंगी ।ये तीन प्रकार की होती हैं।
1 कर्क रेखा
2 भूमध्य रेखा
3 मकर रेखा
ये जिनती भी रेखाएँ होती है ये सारी काल्पनिक होती है ।ये पृथ्वी पर कहीं होती नहीं है परंतु हमें पृथ्वी की बहुत सी जानकारी के लिए इन रेखाओँ को खींचने की जरूरत पड़ी है।
इऩ रेखाओं के बारे में हमें थोड़ी जानकारी जरूर होनी चाहिए तो चलिए थोड़ा इनके बारे में भी जान लेते हैं जिससे हमें ये विवरण अच्छे से समझ में आ जाए।
कर्क रेखा- यह रेखा ग्लोव यानी पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में 23.5 डिग्री पर खींची गई होती है। इसी रेखा पर 21 जून को सूर्य लम्बबत चमकता है इसलिए यही दिन सबसे बड़ा दिन कहलाता है।आइये अब जान लेते हैं कि ये कर्क रेखा किन किन देशों से गुजरती है
ये 18 देशों से गुजरती है जिनमें कुछ हैं सऊदी अरब,ताईबान संयुक्त अरब अमीरात ,म्यांमार ,ओमान ,चीन,भारत, बांग्लादेश ।
भूमध्य रेखा- ये रेखा पृथ्वी से सबसे दूरी पर स्थित होती है यह पश्चिम से पूर्व की और खींची हुई रेखा है जिसे भूमध्य रेखा कहते हैं । अतः यह ग्लोव के मध्य से गुजरती है। इसका कोण 0 डिग्री का होता है इसलिए इसका दूसरा नाम 0 डिग्री अक्षांश भी रखा गया है।
यह वह ही रेखा है जो हमारे ग्लोव को दो हिस्सों में बांट देती है। इसी रेखा पर दिन व रात बराबर होते हैं।आइये अब जान लेते हैं कि ये कर्क रेखा किन किन देशों से गुजरती है ये कुल 13 देशों से गुजरती है जिनमें कुछ इस तरह हैं
इक्वाडोर ,कोलंबिया,ब्राजील कांगो गणराज्य ,कांगो लोकतांत्रिक, सोमालिया ,युगांडा,गैबन,केन्या,इंडोनेशिया किरिबाती मालदीव,सआचोम और प्रिन्सिप।
मकर रेखा- यह रेखा दक्षिणी गोलार्ध पर 23.5 डिग्री के कोण पर खीची गई है यहां 22 दिसम्बर को सूर्य मकर रेखा के लम्बबत चमकता है इसलिए यहां सबसे बड़ा और रात सबसे छोटी होती है।आइये अब जान लेते हैं कि ये मकर रेखा किन किन देशों से गुजरती है ये चिली,अर्जेंटीना ,ब्राजील,पराग्वे, मेडागास्क,आस्ट्रेलिया,मोजाम्बिक, बोत्सवाना ,साऊथ अफ्रीका ।
होता ये है कि गर्मियों में सूर्य का प्रकाश कर्क रेखा पर सबसे ज्यादा पड़ता है ।इस दिन सूरज नोरदर्न रिजन में कर्क रेखा में आने और यहां ज्यादा वक्त विताने के कारण ही दिन लंबा हो जाता है ।इस दिन सूरज की ये किरणें भारत में या यू कहें कि इस रिजन में कर्क रेखा वाले रिजन में 15 से 16 घंटो तक रहती हैं। और हमार भारत देश कर्क रेखा में ही आता है।
सूर्य के सबसे ज्यादा प्रकाश पड़ने के कारण गर्मी बहुत अधिक हो जाती है। ऐसा नहीं है कि ये सिर्फ हमारे प्यारे भारत में ही सबसे ज्यादा प्रकाश और गर्मी पड़ती है। बल्कि बहुत से देश हैं जिनमें ऐसा होता है। इसीलिए दिन में अधिक प्रकाश होने के कारण दिन बड़ा हो ज्यादा दिखाई पड़ता है। हमारे देश में 21 जून या 22 जून को सबसे बड़ा दिन होता है।
अब बात करते हैं सर्दियों में दिन छोटा क्यू होता है के बारे में -
ऐसा हमें दिखता है क्योंकि सर्दियों में सूर्य का प्रकाश कर्क रेखा पर सबसे कम पड़ता है हम भारतवासी कर्क रेखा में ही रहते हैं सबसे कम प्रकाश आने के कारण दिन अंधेरे अंधेरे जैसा प्रतीत होता है।जिसके कारण दिन कम और छोटा दिखाई पड़ता है।



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